रिपोर्ट: बिहार में ITI अतिथि अनुदेशकों का हाल बेहाल, 6 महीने से ज्यादा समय से नहीं मिला वेतन

बिहार में आईटीआई अतिथि अनुदेशकों का हाल बेहाल है। राज्य के आईटीआई संस्थानों में काम कर रहे अतिथि अनुदेशकों 6 से 8 महीने तक का वेतन नहीं मिला है। कोरोना महामारी के बीच 1222 अतिथि अनुदेशकों को वेतन न मिलने के कारण वे भुखमरी के कगार पर हैं। बता दें कि बिहार में अतिथि अनुदेशकों को घंटे के हिसाब से वेतन मिलता है। कैटेगरी A (व्याख्यता) में आने वालों को 1200 रुपये प्रति घंटा की दर से अधिकतम 21 हजार रुपये प्रति माह का वेतन मिलता है। कैटेगरी- बी (तकनीकी कर्मी) में आने वाले अतिथि अनुदेशकों को 400 रुपये प्रति घंटा की दर से अधिकतम 18 हजार रुपये प्रति माह का वेतन मिलता है। वहीं, कैटेगरी- सी (वर्कशॉप कार्य में दक्ष कर्मी) को 300 रुपये प्रति घंटा की दर से अधिकतम 18 हजार रुपये प्रति माह का वेतन मिलता है।

हालांकि बिहार में 90 फीसदी से ज्यादा अनुदेशक कैटेगरी सी में आते हैं। परेशान अतिथि अनुदेश ट्विटर पर दिन रात सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द उनका वेतन उन्हें दिया जाए। एक अतिथि अनुदेशक ट्वीट कर लिखते हैं, ''ITI अतिथि अनुदेशक तकनीकी क्षेत्र में बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। समय समय पर सरकार हमारे कामों की सराहना तो कर देती है पर कभी उचित सम्मान नहीं मिला।लॉकडाउन वेतन से वंचित किया जाना अत्यंत पीड़ादायक है।''

Top