निजी विश्वविद्यालयों को डिग्री बेचने की छूट नहीं : शिक्षा मंत्री

रांची : शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने कहा है कि राज्य के बच्चों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इसके लिए निजी विवि खोले गये हैं। वि.वि. को तय समय के अंदर शर्त के अनुरूप सभी आवश्यक मापदंड पूरा करना होगा। अगर कोई विश्वविद्यालय निर्धारित शर्त को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ तय मापदंड के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी। पढ़ाई में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा। निजी वि.वि. को डिग्री बेचने की छूट नहीं दी जायेगी।
 
उक्त बातें शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने शुक्रवार को सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। प्राथमिक व मध्य विद्यालय में 16339 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। हाइस्कूल में 1719 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। प्लस टू उच्च विद्यालय में 513 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। स्कूल के साथ-साथ विवि व कॉलेजों में भी नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। शिक्षा मंत्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग एवं स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के दो वर्ष की उपलब्धियों के बारे में बताया। अगर किसी विवि के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जायेगी। विवि अगर भवन व भूमि के मानक को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
 
कॉलेजों में अगस्त में शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया  
 शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव ने कहा कि कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अगस्त में शुरू होगी़। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है़। यूजीसी से एनओसी नहीं मिलने के कारण जेट की परीक्षा नहीं ली जा सकी है। 30 नये कॉलेजों में 557 शिक्षकों के पद सृजन की प्रक्रिया शुरू है। उन्होंने कहा कि इस सत्र से पांच नये पोलिटेक्निक कॉलेज व दो डिग्री कॉलेज में पढ़ाई शुरू होगी। इसका भवन तैयार हो गया है। महिला कॉलेजों के लिए बस सेवा शुरू की जायेगी। रक्षा शक्ति विवि के प्रथम सत्र का पठन-पाठन पूरा होनेवाला है। विद्यार्थियों को रोजगार भी उपलब्ध कराया जायेगा।
 
भ्रष्टाचार रोकने के लिए बच्चों के बैंक खाते में दी जा रही है राशि 
शिक्षा मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए स्कूली बच्चों के लिए चलायी जानेवाली योजनाआें की राशि सीधे बैंक खाता में दी जा रही है। इसके लिए बच्चों का बैंक खाता खोला जा रहा है। कस्तूरबा विद्यालय की तर्ज पर राज्य में 57 आवासीय बालिका विद्यालय खोले गये हैं। नेतरहाट व इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की तर्ज पर स्कूल खोले गये हैं। बच्चों के लिए बाल समागम, कस्तूरबा समागम व शिक्षकों के लिए शिक्षक समागम कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। राज्य के 160 हाइस्कूल में वोकेशनल की पढ़ाई शुरू की गयी है।
 
खराब रिजल्ट वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू
खराब रिजल्ट वाले स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गयी है. वैसे विद्यालय जिनका रिजल्ट खराब हुआ है, उन विद्यालय के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. जिन स्कूलों का रिजल्ट बेहतर हुआ है, वहां के शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा खराब रिजल्ट वाले मान्यता प्राप्त हाइस्कूल व इंटर कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा जैक से की जायेगी। ऐसे स्कूल-कॉलेजों की मान्यता समाप्त की जा सकती है। निजी स्कूलों के शुल्क पर नियंत्रण के लिए एक्ट बनाने की प्रक्रिया चल रही है। मौके पर स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की सचिव आराधना पटनायक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह, उच्च शिक्षा निदेशक अबू इमरान, कौशल मिशन के निदेशक रवि रंजन समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
 
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